उत्तर प्रदेश में 481 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांटे नियुक्ति पत्र
481 Youths Receive Government Jobs in Uttar Pradesh
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को 481 नए सरकारी सेवक समर्पित किए हैं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और यूपीएसएसएससी (UPSSSC) द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इन नियुक्तियों में आयुष विभाग के प्रोफेसर व चिकित्सा अधिकारी, व्यावसायिक शिक्षा विभाग के अनुदेशक और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कर्मी शामिल हैं। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद युवाओं के चेहरों पर मुस्कान के साथ ही सरकारी सिस्टम के प्रति एक नया अटूट विश्वास भी देखने को मिला।
एजेंटों के दखल और 'डिमांड' वाले दौर का अंत
कार्यक्रम के दौरान नवचयनित अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए पिछली सरकारों और वर्तमान कार्यप्रणाली के बीच का बड़ा अंतर स्पष्ट किया। आयुष विभाग में प्रोफेसर पद पर चयनित डॉ. मोहम्मद नासिर और डॉ. खुर्शीद आलम ने दो टूक कहा कि पहले की सरकारों में भर्तियों के दौरान एजेंटों का बोलबाला रहता था और 'डिमांड' की जाती थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार में चयन प्रक्रिया 100 प्रतिशत पारदर्शी है, जहाँ भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगा है और केवल योग्यता को ही सम्मान मिल रहा है।
महिलाओं को सम्मान और युवाओं का बढ़ता भरोसा
योगी सरकार की नीतियों से महिलाओं के आत्मविश्वास में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। स्टाफ नर्स पद पर चयनित उपासना देवी और अनामिका पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में पूरी प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के संपन्न हुई। उन्होंने खुशी जताई कि सरकार महिलाओं को बराबरी का अवसर और सम्मान दे रही है। वहीं सानिया खान और आयुष भारद्वाज जैसे युवाओं ने मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने को अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया और निष्पक्ष भर्ती के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की।
विभागीय सुदृढ़ीकरण की ओर कदम
इस वितरण कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के महत्वपूर्ण विभागों को नई शक्ति मिली है। आयुष विभाग को 202 प्रोफेसर, रीडर और चिकित्सा अधिकारी मिले हैं, जो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगे। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक शिक्षा विभाग में 272 अनुदेशकों की नियुक्ति से युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को भी 7 नर्स, हॉस्टल वार्डन और कंपाउंडर प्राप्त हुए हैं, जिससे समाज के संवेदनशील वर्ग की सेवा और भी बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।